UP Gram Panchayat Chunav | उत्तर प्रदेश प्रधान/सरपंच चुनाव 2020 कब होंगे? ताज़ा खबर

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उत्तर प्रदेश प्रधान/सरपंच चुनाव | UP Gram Panchayat Chunav 2020

उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत चुनाव 2020 नया अपडेट

उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत 2020 के चुनाव तय समय पर ही होंगे। ऐसी अफवाह चल रही थी की कोरोना में लॉकडाउन की वजह से यह चुनाव टाल दिए जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं है, इसके संकेत खुद राज्य के पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने दिए हैं।

चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 5 साल में प्रदेश के करीब 1000 ग्राम सभाओं शहरी क्षेत्र में विलय हो गया है। उन्होंने आगे बताया कि राज्य के 48 जिले विस्तार से प्रभावित हुए हैं। इनमें उतने क्षेत्र में ही परिसीमन होगा जो आंशिक रूप से पंचायत में शामिल हैं। सिंह साहब ने 2015 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा मुरादाबाद, संभल और गौ्ण्डा का बीते चुनाव में परिसीमन नहीं हो पाया था। आपक बता दें अब कुल 51 जिलो में नए सिरे से वार्डो का परिसीमन किया जाएगा। इसके बाद जैसे ही वार्ड बन जाएंगे वोटरर्स लिस्ट राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दी जाएगी। इसके बाद वोटर लिस्ट का वृहद पुनरीक्षण का काम शुरू करवा देगा।

ज्ञात हो कि अब भी ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 दिसंबर 2020 तक है। जबकि क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल जनवरी और मार्च तक खत्म होगा जिसे देख कर तो यही लगता है कि ग्राम पंचायत 2020 के चुनावों में कोई देरी नहीं होगी। ऐसा ही कुछ पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह का कहना है। इसके अलावा बीती 18 मई 2020 को पंचायती विभाग ने उन 32 जिलों की 267 को सूचना जारी की है जो अब पूर्ण रूप से शहरों के क्षेत्रों में शामिल हो गई हैं। अभी ग्राम पंचायत के चुनावों को लेकर अन्य जरूरी सूचनाएं आनी बाकी हैं। साथ ही 12 मई को को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए गठित पदाधिकारियों व मंत्रियों की टीमों से संवाद कर चुके हैं और उन्हे तैयारी शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। जल्द ही चुनावों की तारीख की घोषणा हो जाएगी

अफवाहें

बीच में ऐसी उड़ती खबरें आई थीं कि चुनाव फरवरी 2020 में हो सकते हैं| ऐसा माना जा रहा था कि मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बहुत पहले ही त्रिस्तरीय पंचायत को बहाल कर दिया जाएगा और फरवरी में ही चुनाव हो जाएंगे, लेकिन निर्वाचन आयोग ने इस बात को गलत करार दिया है| निर्वाचन आयोग के अनुसार चुनाव तय समय यानी कि नवंबर-दिसंबर 2020 मे ही होंगे|

होंगे ये बदलाव :-

  • पहली बार त्रिस्तरीय चुनावों में विधानसभा में प्रयोग की गई मतदाता सूची का ही प्रयोग किया जा रहा है|
  • इस बार मतदाताओं को अन्य जन प्रतिनिधियों के साथ साथ नोटा का विकल्प भी दिया जाएगा|
  • इस बार अधिकारियों को लेकर भी एक बड़ा फैसला किया जा रहा है| दोस्तों वो सभी अधिकारी जो पिछले तीन या उससे अधिक सालों से अपने गृह जिले में पोस्टेड हैं और चुनाव की प्रक्रियाओं से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं, उन्हे वहां से हटाया जाएगा| उनकी जगह पर नए अधिकारियों को उन जगहों पर पोस्ट किया जाएगा|

सूत्रों के अनुसार कहा यह भी जा रहा है कि इस बार के चुनाव पांच या उससे अधिक चरणों में हो सकते हैं| दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बताता चलूँ कि पिछली बार जब यहां पर चुनाव हुए थे, तब वे केवल चार ही चरणों में हुए थे| पिछली बार भी यहां नवम्बर दिसंबर में ही चुनाव हुए थे, और नतीजा दिसंबर में ही आ गया था| उत्तर प्रदेश एक बहुत बड़ा राज्य है और पूरी दुनिया में ये किसी भी देश का सबसे बड़ा हिस्सा भी है, इसलिए सुरक्षा कारणों से चरणों को बढ़ाना काफी हद तक उचित माना जा रहा है|

कब होंगे उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत चुनाव | UP Panchayat Election Date

जैसा के लेख की शुरुवात में आपको बताया उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधान चुनाव नवंबर दिसंबर 2020 में होंगे | पहले ये अफवाह फैलाई जा रही थी की जनवरी-फरबरी 2020 में सरपंच इलेक्शन करा दिए जायेंगे | बाद में चुनाव आयोग ने ऐसी अफवाहों पर विराम लगाते हुए नवंबर-दिसंबर 2020 में चुनाव करवाने की बात कही |

आईये अब समझते हैं ग्राम पंचायत चुनावों की प्रक्रिया की :

चुनाव की प्रक्रिया :-

दोस्तों चुनाव की तारीख और अन्य सूचनाएं जानना तो बनता है कि देश के इतने बड़े हिस्से में की तरह से चुनाव सम्पन्न होता है| यहां चुनाव कराने की प्रक्रिया निम्नलिखित है :-

  • ग्राम पंचायत चुनाव हमेशा पांच सालों के अंतराल में होते हैं|
  • प्रदेश सरकार की स्वीकृति के बिना ये नहीं हो सकते| जब प्रदेश सरकार स्वीकृति देती है उसके बाद चुनाव आयोग इस ओर आगे बढ़ता है|
  • चुनाव आयोग का चुनाव की तरफ पहला कदम अधिसूचना जारी करना होता है|
  • इस तरह की अधिसूचना में चुनाव से जुड़ी सभी जानकारी होती है| जैसे चुनाव की तिथि, चुनाव चिन्ह वगैरह|
  • इस तरह की अधिसूचना के लागू होते ही आचार संहिता प्रारंभ हो जाती है|
  • अधिसूचना में कुछ तिथियां दी जाती हैं| उन्ही के अंदर अंदर कैंडिडेट को अपना नामांकन करवाना पड़ता है|
  • ये नामांकन निर्वाचन अधिकारी के सामने देना पड़ता है और निर्वाचन अधिकारी चाहे तो इसे रद्द भी कर सकता है|
  • यदि निर्वाचन अधिकारी इसे स्वीकार करता है तो इसके बाद कैंडिडेट अपना चुनाव चिन्ह आयोग को देता है|
  • स्वीकार किए कैंडिडेट प्रचार करते हैं| चुनाव के 2 दिन पहले प्रचार बन्द कर दिया जाता है और तय तिथि पर चुनाव करा दिए जाते हैं|
  • उसके बाद मतगणना होती है और चुनाव में जीतने वाले कैंडिडेट को ग्राम पंचायत का प्रधान बना दिया जाता है|

आशा है इस लेख में दी गई जानकारी आपको पसंद आयी होगी | UP Panchayat election 2020 की ताज़ा जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर बने रहिये |

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव कब हो सकते हैं?
अगले पंचायत चुनाव संभवतः नवंबर दिसंबर 2020 में होंगे | अगर चुनाव कार्यक्रम में कोई फेरबदल होगा तो चुनाव आयोग इसकी जानकारी दे देगा

क्या चुनाव में नोटा का विकल्प रहेगा?
जी हाँ |

यूपी पंचायत चुनाव की अधिसूचना कब जारी होगी ?
अधिसूचना २०२० के दूसरी छःमाही में कभी भी जारी हो सकती है

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